क्या आसान है एक शिक्षक होना ।कई लोगों को लगता है कि इस पेशे में भरपूर छुट्टियां मिलती है, पढ़ाना है तो पढ़ाओ नहीं तो कौन देख रहा है बच्चों के साथ टाइमपास कर लो ।बढ़िया आरामतलब नौकरी हैं ,लेकिन जरा ठहरिए अपनी राय बनाने के पहले और अगर आपका ख्याल इस पेशे को हल्का आंकने का है ,तो जरा एक शिक्षक से वार्तालाप कर ले जो वास्तव में खुशी से इस पेशे में आया है,और कुछ बातों का जवाब जरा दिल से दीजियेगा फिर अपनी राय जाहिर करिएगा।
तो चलिए शुरू करते है ,सबसे पहले यह आप के धेर्य की परीक्षा हैं,आप अपने विषय में बेशक बेहद माहिर होंगे लेकिन आपको सिखाने के हर कदम पर धीरज रखना होगा ,आपके लिये जो केवल एक वाक्य है,वो आपके विद्यार्थियों के लिए २०या ३० शब्दों का एक गुच्छा है,और ये गुच्छा भी सीधा सादा नहीं बल्कि जलेबी की तरह उलझा हुआ और उस सरल से वाक्य का1सिरा पकड़ कर आपको उन्हें देना है,ना ना जरा ठहरिये,उस सिरे को उन्हें खुद ढूंढने के लिए प्रेरित करना है और जो काम आपके लिए बेहद आसान है, हो सकता है आपके विद्यार्थियों के लिए एक लंबी प्रक्रिया हो और हां यहां हर कदम पर यह भी ध्यान रखना होगा कि प्रक्रिया पूरी तरह से रोचक हो । वरना आप ९९ प्रतिशत पहुंच कर भी ० जी हां शून्य पर आ सकते है,और फिर से वही प्रक्रिया और जैसे कि दुनिया का हर इन्सान अद्वितीय है वैसे ही अगर आपके पास ५० बच्चों की फौज़ है ,तो मान के चलिए आपको ५० तरीके ढूंढने होंगे।
चलिये अब आते है दूसरी बात पर,एक अच्छा शिक्षक होने के लिए आपको बहुत सारी कलाओं में माहिर होना होगा।अगर बच्चे की तबियत ठीक नहीं तो आपको प्राथमिक चिकित्सक की भूमिका निभानी पड़ सकती है।
बच्चों की रोज की शिकायतों से निपटने के लिए दूरदृष्टी की जरूरत होगी ही ,यहां खीजने से काम नही चलने वाला।
हां,एक अच्छा जज़ तो आपको बनना ही होगा ,अगर दो बच्चे एक ही पेंसिल पर अपना दावा कर रहे हो तो बताइए किसे दिलाएंगे पेंसिल, डांट कर चुप कराने का मत सोचिए।
इसके अलावा आप एक एंटरटेनर भी होने चाहिए आपका music का ज्ञान भी अच्छा होना जरूरी है।
कुल मिला कर एक ऑलराउंडर की जरूरत है,अगर है आप में सारी काबिलियत तो स्वागत है इस पेशे में वरना केवल टाइमपास वाली बात दिमाग से निकाल दीजिए।
हां,अपने ज्ञान को निरन्तर मांजना सबसे पहली और आवश्यक शर्त है, क्योंकि एक अच्छा शिक्षक वही होगा जो सदैव स्वयं को विद्यार्थी माने ।
आज बस इतना ही ।
और के लिए मेरे अगले ब्लॉग का इंतजार करे और है अपनी राय जरुर दे ।
तो चलिए शुरू करते है ,सबसे पहले यह आप के धेर्य की परीक्षा हैं,आप अपने विषय में बेशक बेहद माहिर होंगे लेकिन आपको सिखाने के हर कदम पर धीरज रखना होगा ,आपके लिये जो केवल एक वाक्य है,वो आपके विद्यार्थियों के लिए २०या ३० शब्दों का एक गुच्छा है,और ये गुच्छा भी सीधा सादा नहीं बल्कि जलेबी की तरह उलझा हुआ और उस सरल से वाक्य का1सिरा पकड़ कर आपको उन्हें देना है,ना ना जरा ठहरिये,उस सिरे को उन्हें खुद ढूंढने के लिए प्रेरित करना है और जो काम आपके लिए बेहद आसान है, हो सकता है आपके विद्यार्थियों के लिए एक लंबी प्रक्रिया हो और हां यहां हर कदम पर यह भी ध्यान रखना होगा कि प्रक्रिया पूरी तरह से रोचक हो । वरना आप ९९ प्रतिशत पहुंच कर भी ० जी हां शून्य पर आ सकते है,और फिर से वही प्रक्रिया और जैसे कि दुनिया का हर इन्सान अद्वितीय है वैसे ही अगर आपके पास ५० बच्चों की फौज़ है ,तो मान के चलिए आपको ५० तरीके ढूंढने होंगे।
चलिये अब आते है दूसरी बात पर,एक अच्छा शिक्षक होने के लिए आपको बहुत सारी कलाओं में माहिर होना होगा।अगर बच्चे की तबियत ठीक नहीं तो आपको प्राथमिक चिकित्सक की भूमिका निभानी पड़ सकती है।
बच्चों की रोज की शिकायतों से निपटने के लिए दूरदृष्टी की जरूरत होगी ही ,यहां खीजने से काम नही चलने वाला।
हां,एक अच्छा जज़ तो आपको बनना ही होगा ,अगर दो बच्चे एक ही पेंसिल पर अपना दावा कर रहे हो तो बताइए किसे दिलाएंगे पेंसिल, डांट कर चुप कराने का मत सोचिए।
इसके अलावा आप एक एंटरटेनर भी होने चाहिए आपका music का ज्ञान भी अच्छा होना जरूरी है।
कुल मिला कर एक ऑलराउंडर की जरूरत है,अगर है आप में सारी काबिलियत तो स्वागत है इस पेशे में वरना केवल टाइमपास वाली बात दिमाग से निकाल दीजिए।
हां,अपने ज्ञान को निरन्तर मांजना सबसे पहली और आवश्यक शर्त है, क्योंकि एक अच्छा शिक्षक वही होगा जो सदैव स्वयं को विद्यार्थी माने ।
आज बस इतना ही ।
और के लिए मेरे अगले ब्लॉग का इंतजार करे और है अपनी राय जरुर दे ।
धन्यवाद
शेष शुभ
रागिनी गुरव
bhut hi sundar
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