तकनीकी शिक्षा में हिंदी की भूमिका मैं बोना चाहता हूँ फसल विज्ञान की समृद्ध करना चाहता हूँ अपने परिवेश को तकनीक के ज्ञान से पर हिचकिचाता हूँ जब कोई मेरे समक्ष मेरे ज्ञान से अधिक तरजीह देता है एक विदेशी जुबान को ठहर जाता हूँ कहीं ??? क्या ये नहीं संभव कि मुझे सीखने और सिखाने का अवसर मिले मेरी अपनी जबान में भाषा सदैव से ही मनुष्य के हृदय के उद्गार को व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम रही है ,अगर हृदय के उद्गार अपनी मातृभाषा में व्यक्त किए जाए तो वह सहज ही समझ आते हैं,और दूसरों को प्रभावित भी करते हैं ,साथ ही आगे बढ़ने हेतु प्रेरित भी करते हैं, जब बात तकनीकी शिक्षा की आती है तो भारतवर्ष में अधिकांश तकनीकी शिक्षा विदेशी भाषा अर्थात अंग्रेजी भाषा में दी जाती है और तकनीकी विशेषज्ञ यह मानते हैं कि अनेक तकनीकी शब्दों का प्रयोग जो विदेशी भाषा यानी की अंग्रेजी में सहज है ,उतना आसानी से...