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Showing posts from February, 2025

लेडीज़ बोगी में महिलाएं

 लेडीज़ बोगी में खुलकर खिलखिलाती है महिलाएं दो की सीट में तीन और तीन की सीट में चार सफर करती मिल जाती है महिलाएं। और तो आराम से बोगी के फर्श में भी बैठी नज़र आती है महिलाएं। अक्सर ऑफिस की कशमकश को मस्ती और हंसी में उड़ाती नज़र आती है महिलाएं। सुबह- सुबह की भागमभाग में बिना तैयार हुए आई और ट्रेन में ही खुद को संवारती दिख जाती है महिलाएं। अनजान महिला सहयात्रियों से भी अपनी फीलिंग्स बांटती नज़र आ जाती है महिलाएं। पेट पूजा हो या ऑफिस के काम या हो पढ़ाई प्रतियोगिता का सवाल, इस सफ़र में निबटाती नज़र आ जाती है महिलाएं। कुछ पुरुष सहयात्री जब जबरन चढ़ जाते है लेडीज़ बोगी में तो पहले तो विनम्रता से समझाती है महिलाएं। अगर समझ गए तो ठीक नहीं तो दूसरे विकल्प में उतर आती है महिलाएं। कुछ कहते है जब महिला पुरुष में फर्क नहीं तो ये विशेषाधिकार महिलाओं को ही क्यों? तो प्रस्तुत है इसका भी जवाब जनरल बोगी में सब तो नहीं पर कई अनजान पुरुषों के अनचाहे स्पर्श को क्यों करें स्वीकार। मुख में गुटखा पान और न जाने क्या-क्या चबाते, अनजाने में और कभी जान कर भी किसी महिला के ऊपर जबरन गिरने वालों को कैसे न करें इनक...

महाकुंभ: एक दिव्य अनुभव

 महा कुंभ : एक दिव्य अनुभव  यूं तो महाकुंभ यात्रा पर चर्चा इसके प्रारंभ होने के पूर्व ही प्रारंभ हो चुकी थी और सारे रिपोर्टर इसकी तैयारियों और इसके महत्व को रेखांकित करते संस्करण निरन्तर प्रदर्शित कर रहे थे,अब भी कर रहे है, निरन्तर अखबारों की सुर्खियां बनी हुई हैं यह खबर , वहां की व्यवस्था, अखाड़ों की जानकारी, अन्य दिव्य और भिन्न भिन्न अनुभव , इसका इतिहास सब कुछ, पर हम सरकारी कर्मचारी अपनी छुट्टियों को लेकर कुछ ज्यादा ही संवेदनशील होते है , छुट्टियों की व्यवस्था ऐसी हो कि कम से कम छुट्टी का उपयोग करते हुए यह यात्रा संपन्न हो जाए , परन्तु छुट्टी से भी महत्वपूर्ण हो गया था सीट की उपलब्धता, दो बार प्रयास किया, किसी किसी समूह के साथ समायोजित होने का प्रयास किया, मन में एक आह भी थी सारा संसार उमड़ रहा है जिस महाकुंभ में , पूरे 144 वर्ष बाद बनने वाले संयोग को पाने हेतु , हम यहीं भारत में हो कर भी क्या इस संयोग से वंचित रह जाएंगे, लोगों की भीड़ या कहिए जनसमूह , या आस्था का सैलाब , सारा तो उमड़ रहा है अन्य सारी ख़बर तो द्वितीयक हो गई है फिर भी क्या ईश्वर मौका देंगे मुझे भी इस आस्था क...