प्राइमरी कक्षाओं में विद्यार्थियों के साथ न जाने कितने सारे छोटे बड़े अनुभव जुड़े हुए है कि लगता है,एक पूरी बुक ही लिख दी जाए। अपने अनुभव के आधार पर कह सकती हूं, प्राइमरी और वो भी क्लास वन सबसे डिफिकल्ट और चैलेंजिंग होता है ,आप तैयारी करके कुछ गए है और हो कुछ और ही जाता है , वहां नन्हे मुन्नों की पूरी फौज है और हर कोई अटेंशन चाहता है ,मैने कोई चार पांच एक्टिविटी तैयार की हुई है, कि 1 पीरियड के लिए पर्याप्त होंगी लेकिन रुकिए ये तो इन बाल गोपालो के लिए ऊंट के मुंह में जीरा है , हां जब तक आप एक्टिविटी करा रहे है बड़े मज़े लेंगे, बढ़िया खुश भी होंगे आपको अहसास दिला देंगे कि चल भईया हमने तुझे एक्सेप्ट किया लेकिन जैसे ही आप उन्हें लिखाने लगे या बोर्ड वर्क दे रहे है , शुरू इनकी नौटंकी। मैं बोर्ड की ओर घूमी हूं और बमुश्किल 1 लाइन लिखी कि 2 छुटके छुटके भाग कर दूसरी जगह पहुंच गए, हल्की डांट लगाई,कुछ मनुहार लगाया कुछ समझाया ,राजा बेटा लिखेगा तभी तो अफ़सर बनेगा न, अब राजा बेटा कितना समझ रहा है नहीं मालूम लेकिन अफ़सर बनने के लिए बैठ तो जाएगा पर अभी दूसरी तरफ दो और मासूम शैतान उग जाएंगे अपनी शर...