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आज की मुस्कान

 बहुत कर लिए जतन

बहुत बना ली योजनाएं

इस समय ये करेंगे

उस समय वो करेंगे

बच्चों के लिए बड़ा सा घर बनाया

ढेरो ढेर पैसा जमाया 

उनकी नौकरी के लिए जुगाड लगाया।

पर कभी बैठ कर तनिक ना सोचा 

जीने का मकसद क्या बस यही है 

कमाना,खाना,जमाना और गवाना ,

और फिर जो ना मिला उसके लिए सर खपाना 

एक अनदेखे परजीवी ने बता दिया 

कुछ भी नही है जीवन में निश्चित 

आदमी सोचता है कुछ ,और नियति करती हैं कुछ और

इसलिए भविष्य की परवाह में खुद को ना जला 

जो मिला है पल आज, उसमें खुल के मुस्कुरा 

कौन जाने यही पल हो आखरी पल 

फिर ना रहे मन में मलाल 

कल की चिंता में अपने आज को ना खो।

जीवन में जो मिला उसके लिए शुक्रगुजार हो ।

हो सके तो किसी के चेहरे में खिला दे एक छोटी सी मुस्कान 

कुछ ना कर सके तो कम से कम इतना कर कि

तेरी वजह से किसी की आंखों में ना आए आंसू का एक भी कतरा ।












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